यंहा लोग उतने दयालु नहीं है जो
गौओं को पलटे है
पालते है
वे गवधि गोठी गावठी लोग दया का भाव नहीं रखते
आज मैंने एक ऐसे निर्मम आदमी को गाय व् बछिया को ले जाते देखि
जो, गौ माँ पपर बड़ी गलत तरीके से लकड़ी मार रहा था वो, पीछे से
गौ माँ के प्रजनन अंग पर लगातार लकड़ी कोंच रहा था
ये लोग किसान व् पशुपालक होते है ये
बहुत निर्मम हो जाते है िंममे गाओं को पलने के बदले
उन्हें इस्तेमाल करने की भावना होती है
ये बहुत दरिंदे होते है
कई लोग गौओं की पुंछ काट देते है गौओं के अलावा
ये सभी बैलों से भी बहुत निर्ममता से पेश आते है
इन्हे ललकारने व् रोकने की जरुरत है देश के ज्यादा किशन व् पशुपालक
अपने दकियानूसी होते है
इन्हे रोका जाये तब भी नहीं सुनते इन्हे
कानून से रोक सकते है
पर कानून का राज कंहा बचा है
लोग अपनी स्वैर्त-लिप्सा को ही
जिंदगी का ध्येय मान रहे है
गौओं को पलटे है
पालते है
वे गवधि गोठी गावठी लोग दया का भाव नहीं रखते
आज मैंने एक ऐसे निर्मम आदमी को गाय व् बछिया को ले जाते देखि
जो, गौ माँ पपर बड़ी गलत तरीके से लकड़ी मार रहा था वो, पीछे से
गौ माँ के प्रजनन अंग पर लगातार लकड़ी कोंच रहा था
ये लोग किसान व् पशुपालक होते है ये
बहुत निर्मम हो जाते है िंममे गाओं को पलने के बदले
उन्हें इस्तेमाल करने की भावना होती है
ये बहुत दरिंदे होते है
कई लोग गौओं की पुंछ काट देते है गौओं के अलावा
ये सभी बैलों से भी बहुत निर्ममता से पेश आते है
इन्हे ललकारने व् रोकने की जरुरत है देश के ज्यादा किशन व् पशुपालक
अपने दकियानूसी होते है
इन्हे रोका जाये तब भी नहीं सुनते इन्हे
कानून से रोक सकते है
पर कानून का राज कंहा बचा है
लोग अपनी स्वैर्त-लिप्सा को ही
जिंदगी का ध्येय मान रहे है
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