आज मेरा ये ग्रामीण क्षेत्र बहुत पिछड़ गया है
गांव के मजदुर गंदी गलियां बकते है
उन्हें रोकने वाला अब कोई नही है
क्योंकि , अब २ दिन कि मजदूरी में म्हणे भर का राशन अत है
बाकि से वे शराब पिटे है
ये बेहद गंदी बात है
किन्तु राजनीती ने देश को वंहा पहुंचा दिया है
जंहा , देश में मेहनती व् ईमानदार शखस ही म्हणत करके कमाता है
बाकि सरकारी खैरात कि खाते व् मौज उड़ाते है
कोई भी कम करने वाले को हेलू समझते है
गांव के मजदुर गंदी गलियां बकते है
उन्हें रोकने वाला अब कोई नही है
क्योंकि , अब २ दिन कि मजदूरी में म्हणे भर का राशन अत है
बाकि से वे शराब पिटे है
ये बेहद गंदी बात है
किन्तु राजनीती ने देश को वंहा पहुंचा दिया है
जंहा , देश में मेहनती व् ईमानदार शखस ही म्हणत करके कमाता है
बाकि सरकारी खैरात कि खाते व् मौज उड़ाते है
कोई भी कम करने वाले को हेलू समझते है