Tuesday, 19 November 2013

एक दो तिन चार 
जो तुझे याद करे 
उसे जूट मार 

Saturday, 9 November 2013

अब गांव कि भी यद् नही अति 

Tuesday, 5 November 2013

दीवाली तो बुआ जी के घर कि होती थी 
बहुत अच्छी यादें है 
अभी सिरमे दर्द है 
वर्ण लिखती