Wednesday, 29 April 2015

आँगन के पेज व्यू से भी मई हैरान हूँ 
एक दिन में ७८ पेज व्यू है 

Haath aaya hai jabse tera haath mein

Monday, 27 April 2015

आँगन आँगन 
तुम्हे सब चाहते है इसकी वजह 
मुझे भी बताओ 
मई भी तुम्हे चाहूंगी 
मेरे
मेरे प्यारे आँगन 
नही पता क्यों 
तुम इतने ज्यादा पढ़े जाते हो जबकि,
मई तुम्हे नही लिखती ज्यादा न, ही तुम्हारा 
प्रचार ही करती हूँ तुम, फिर भी 
बनारस की बयार से 
आगे चलते हो क्या कहु 
तुम्हारी इस पससंद 
पसंद व् प्रोग्रेस पर