माँ इसलिए होती है
कि बलाएँ उतार लेती है
माँ
जाती है , मंदिरों में मजारों में
मन्नत मांगती है
बेटे के लिए दुआ करती है
उसके विवाह के लिए
सबसे चिरौरी करती है
मैं माएं इसलिए तो होती है
यदि माँ न हो तो
कौन करेगा ये सब
कि बलाएँ उतार लेती है
माँ
जाती है , मंदिरों में मजारों में
मन्नत मांगती है
बेटे के लिए दुआ करती है
उसके विवाह के लिए
सबसे चिरौरी करती है
मैं माएं इसलिए तो होती है
यदि माँ न हो तो
कौन करेगा ये सब
No comments:
Post a Comment