कल
कल,
शाम से
सो गयी थी बिना दिए लगाये
रात ऐसा लगा
नींद में
जैसे मई
अपने बचपन में
बुआ जी के घर में हूँ
एक पल का
वो, अहसास
मुझे सुकून दे गया
कल,
शाम से
सो गयी थी बिना दिए लगाये
रात ऐसा लगा
नींद में
जैसे मई
अपने बचपन में
बुआ जी के घर में हूँ
एक पल का
वो, अहसास
मुझे सुकून दे गया
meri ye post like kyun nhi ho rahi h
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