जब गौओं को जख्मी देखती हूँ वे बहुत
ज्यादा शोषण की शिकार होती है
गर्मी में जल के लिए भटकती
कूड़ा कहती
जब उन्हें दोःकर हकल देते है
उन्हें खाने की जरुरत होती है
पर गौ-पलक उन्हें पानी तक नहीं देते
ज्यादा शोषण की शिकार होती है
गर्मी में जल के लिए भटकती
कूड़ा कहती
जब उन्हें दोःकर हकल देते है
उन्हें खाने की जरुरत होती है
पर गौ-पलक उन्हें पानी तक नहीं देते
No comments:
Post a Comment