Thursday, 21 April 2016

यंहा लोग उतने दयालु नहीं है जो 
गौओं को पलटे है 
पालते है 
वे गवधि गोठी गावठी लोग दया का भाव नहीं रखते 
आज मैंने एक ऐसे निर्मम आदमी को गाय व् बछिया को ले जाते देखि 
जो, गौ माँ पपर बड़ी गलत तरीके से लकड़ी मार रहा था वो, पीछे से 
गौ माँ के प्रजनन अंग पर लगातार लकड़ी कोंच रहा था 
ये लोग किसान व् पशुपालक होते है ये 
बहुत निर्मम हो जाते है िंममे गाओं को पलने के बदले 
उन्हें इस्तेमाल करने की भावना होती है 
ये बहुत दरिंदे होते है 
कई लोग गौओं की पुंछ काट देते है गौओं के अलावा 
ये सभी बैलों से भी बहुत निर्ममता से पेश आते है 
इन्हे ललकारने व् रोकने की जरुरत है देश के ज्यादा किशन व् पशुपालक 
अपने दकियानूसी होते है 
इन्हे रोका जाये तब भी नहीं सुनते इन्हे 
कानून से रोक सकते है 
पर कानून का राज कंहा बचा है 
लोग अपनी स्वैर्त-लिप्सा को ही 
जिंदगी का ध्येय मान रहे है 

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