हमारा टौमी
मई जब उस घर में गयी तो, वंहा नन्हा सा टॉमी अपनी माँ व् बहन लाली के साथ मेरे घर आता, उसे खिलने में मुझे अच्छा लगता था , मेरा बीटा भी उनके बीच अपनी उदासी भूल जाता , जब दोपहर में मई सोती , तो मेरे सर कि और वो अपनी पूंछ करके बैठता, और मेरे सर को पूंछ से सहलाता
बाद में वह घर से हमे जाना पड़ा
अब जब उधर से गुजरती हूँ, तो मुझे देखते ही , वो दौड़कर आता है, मुझे देख जोरों से पूंछ हिला क्र स्नेह जताता है , जब रोटी देती हूँ, तो वो अपनी तिन ही टांगों पर उचकता है, व् लहराकर रोटी छीनकर खाता है
वो, कुत्ता तिन टांगों व् चौथी आधी तंग का , टॉमी है, बहुत ही प्यारा सा पप्पी
मई जब उस घर में गयी तो, वंहा नन्हा सा टॉमी अपनी माँ व् बहन लाली के साथ मेरे घर आता, उसे खिलने में मुझे अच्छा लगता था , मेरा बीटा भी उनके बीच अपनी उदासी भूल जाता , जब दोपहर में मई सोती , तो मेरे सर कि और वो अपनी पूंछ करके बैठता, और मेरे सर को पूंछ से सहलाता
बाद में वह घर से हमे जाना पड़ा
अब जब उधर से गुजरती हूँ, तो मुझे देखते ही , वो दौड़कर आता है, मुझे देख जोरों से पूंछ हिला क्र स्नेह जताता है , जब रोटी देती हूँ, तो वो अपनी तिन ही टांगों पर उचकता है, व् लहराकर रोटी छीनकर खाता है
वो, कुत्ता तिन टांगों व् चौथी आधी तंग का , टॉमी है, बहुत ही प्यारा सा पप्पी
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