Saturday, 30 August 2014

पुराने घर में
जो, गांव में है, वंहा पुराने घर में कभी भी सांप निकल जाते है ,
घर के भीतर सांपो के  भय  ही, 
किन्तु ये भी सत्य है 
की पिछले ५० बरस पुराने घरमे सांप निकल रहे है 
किन्तु , उन्हें न तो कोई मरता है न ही वो किसी को काटते 

Tere Aane Ki Jab Khabar Mehke - Jagjit Singh Ghazals 'Saher' Album

Agar hum kahein aur woh muskura dein (Chitra Singh, Jagjit Singh)

Tum yaad na aaya karo

माँ
माँ बाबू जी का वो घर पुराण व् जर्जर हो चूका है 
उस घर की दीवारें आसपास से ढहने लगी है 
वंहा आये दिन सांप निकलते है 
सभी चाहते है, 
नया मकान बन जाये 
किन्तु क्या इतना आसान है 
पुराने से मुक्ति पाना 
और नया बना लेना 
हमारे दिल में जो जगह होती है पुराने के लिए 
हम उसे एक दिन में नही बदल पाते 
आँगन बहुत आगे है 
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Yeh Jeevan Hai Iss Jeevan Ka Yahi Hai Rang Roop - Kishore Kumar - Piya K...

Friday, 29 August 2014

आँगन बनारस की बयार से ज्यादा पढ़ा जा रहा है 
माँ से
माँ से आजकल हो पाती 
कभी माँ कुछ देरके लिए, घरसे बहार रहती तो 
हमसब उसे की कमी महसूस करते थे,
किन्तु अब माँ से बात करने समय नही निकलते 
बाबूजी , बाथरूम में फिसल गए 
वृद्धावस्था , की जो 
 वो, सभी को आणि है 
फिर भी अपने इतने प्रिय करुणा मई माँ व् पिता को देखने 
हम जा नही पाते 
उनका कर्ज कभी नही चूका सकते 

Wednesday, 13 August 2014

इस बार
इस  बार 
इस बार भुजलियों में भी माँ से बातें नही हो सकी 
आज कोशिश करती हूँ, की माँ से बातें करूँ 
वो, हमारे साथ, हमारे बीच है 
ये हमारा सौभाग्य है 

Sunday, 10 August 2014

बुआ जी भाई वाले गीत गति थी, किन्तु अंत समय में उनके कोई भी काम न आया, और वो अकेले ही, बहुत ज्यादा कष्ट सहकर मृ, यदि वो अकेले रहती तो भी इतना दुःख नही होता 

Friday, 1 August 2014

बुआ जी अपनी भीगी आवाज में गति थी सावन के गीत 
चार दिन रह गए सावन को 
नाड़े सुआ हो, भैया लिवैया जाये 
बुआ जी को कोई भैया लेने नही आते थे 
पर वो , यंही गाती थी