बुआ जी अपनी भीगी आवाज में गति थी सावन के गीत
चार दिन रह गए सावन को
नाड़े सुआ हो, भैया लिवैया जाये
बुआ जी को कोई भैया लेने नही आते थे
पर वो , यंही गाती थी
चार दिन रह गए सावन को
नाड़े सुआ हो, भैया लिवैया जाये
बुआ जी को कोई भैया लेने नही आते थे
पर वो , यंही गाती थी
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