बचपन तितलियों कि तरह
तेह उड़ता है
तीव्रता से बिट जाता है
भागता समय
जैसे कुछ हाथ नही आता है
उन अमराईयों
उन छावों का
स्मृति-शेष हो जाना
जंहा , एक जीवन बिता
जो, लगता था कि कभी नही बीतेगा
उन छाँवों का गुजर जाना
और फिर
वंहा का
कोई साया भी
साथ ना होना
तेह उड़ता है
तीव्रता से बिट जाता है
भागता समय
जैसे कुछ हाथ नही आता है
उन अमराईयों
उन छावों का
स्मृति-शेष हो जाना
जंहा , एक जीवन बिता
जो, लगता था कि कभी नही बीतेगा
उन छाँवों का गुजर जाना
और फिर
वंहा का
कोई साया भी
साथ ना होना
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