Friday, 6 June 2014

एक पागल लड़की अक्सर मुझे बेचैन कर देती है
एक बेचैन रूह की तरह तड़पती हूँ 
मेरी सेहत अच्छी नही है 
आजकल परेशान हु न 
शहर छोड़ते वक़्त सब समेटना मुस्किल है 

Thursday, 5 June 2014

To ask from you,
Kaun ho tum 
So, it will not be a question Tedha 
You can be a restless soul 
Cycle in which the fingers Bissau 
Padma also be congenital 
And whose lives have changed in more than 100 sights 
Always understand what the new shelters 
What may be a place for 
Why, this cycle with me 
I like my own fault 
Flowing water, ie rivers 
And burning the 
Not a precipice on my anxiety 
When the mind focus 
Still trying to keep 

Wednesday, 4 June 2014

ये पु 
ये ऊओ ये राममंदिर 
मई एक एक दिन गिनती हूँ 
कभी चैन से नही रहती 
अब गांव जाउंगी 
ये सोचके भी उत्सुक हूँ सब कुछ नया हो जैसे 
माँ  मिलना 
माँ की ध्यानमग्न सूरत को याद करती 
आयशा नन्ही बच्ची दो दिन नही थी 
आज लौटी 
मेरी गॉड में खेलती रही 
और दिवालके स्विच को जलाने 
उसे उप्र उठती मई 
खुश होती रही 
मई इतने दूर आकर 
शायद आयशा की स्मृति को साथ ले जाउंगी आयशा 
एक डेढ़ बरस की बच्ची 
उसकी नानी दुबई जाएगी 
और मई गांव 
उसके नन्हे से दिमाग को नही समझेगा 
की हम कहा चले गए 
बच्चे तभी तो सब कुछ भूल जाते है 

Tuesday, 3 June 2014

माँ एक ही जगह
माँ एक ही जगह बैठी रहती है अक्सर कहती है
की गर्दन हिल रही है
माँ की अशंख्य तकलीफों के बीच भी माँ
माँ है
मेरी सीधी सदी माँ 
जो, अक्सर मेरे पिता की बातें सहती रही 
हूँ कहने की पितृ सत्तात्मक आदतों में 
माँ चुपचाप सहकर 
मानसिक रूप से टूट गयी 
बीमर हो गयी 
किन्तु उसकी भक्ति के स्वाभाव ने उसे 
पत्ते पर राखी  जल बिंदु सा 
निर्लिप्त निर्विकार रखा 
माँ तुम सच्ची साधिका हो ईश्वर को 
प्रिय भी तुम्ही हो 

chhoti si ye duniya... film rangoli रंगोली

अपनी माँ को सबसे बड़ी योगी व् तपस्विनी मानती हूँ, उसने बहुत दुःख सहे , व् अभी भी वो त्याग व् तपस्या की देवी है , माँ इतनी सादगी  रहती है , और स्वभाव से सीधी है 
अपने बेटे के साथ सुरक्षित महसूस करती हूँ, 
जीवन में अपने बेटे के साथ देने से ही , इतनी दूर आ सकी हूँ अक्सर राह चलते खड़े होकर विचरने लगती हूँ 

Zindagi Denewale Sun Teri Duniya Se Dil Bhar Gaya

Monday, 2 June 2014

जब काम हो करने को तब 
किस ध्यान में लगे 
माँ की याद आती है 
जो, रातदिन ध्यान में रहती है 
हमारा कर्तव्य ही हमारा ध्यान है जिन्हे 
ध्यान लग्न हो बिना प्रयाश लग जाता है 
इश्लीए जबरदस्ती कोशिश नही करे सहज शांति 
अपने कर्तव्य से ही मिलती है 

Sunday, 1 June 2014

1919 Sunnyside Deleted Scene-Charlie The Barber

यंहा मेरा संघर्ष उम्र के हिसाब से अब लास्ट स्टेज में है 
मेरा ग्लैमरस रहन सहन नही होने से यंहा की   दुनिया में 
 मेरा  
 किन्तु  उम्र वालों को शायद कुछ सफलता मिले 
खान