Tuesday, 3 June 2014

अपनी माँ को सबसे बड़ी योगी व् तपस्विनी मानती हूँ, उसने बहुत दुःख सहे , व् अभी भी वो त्याग व् तपस्या की देवी है , माँ इतनी सादगी  रहती है , और स्वभाव से सीधी है 
अपने बेटे के साथ सुरक्षित महसूस करती हूँ, 
जीवन में अपने बेटे के साथ देने से ही , इतनी दूर आ सकी हूँ अक्सर राह चलते खड़े होकर विचरने लगती हूँ 

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