Monday, 22 February 2016

माँ के बेतहाशा रोने
और कराहने के बीच
मेरे फोन का बैलेंस
माँ के लिए
एक कामवाली को तलाश रही हूँ
जो, गांव में रहकर
उसे सहारा दे सके क्यूंकि
अपने अब सहारे के काबिल नही रहे 

No comments:

Post a Comment