Saturday, 23 May 2015

माँ  
माँ 
तुम 
घर का एक 
जिन्दा कोना हो 
कल, जब तुमने 
मुझे फोन कर कहा की इतनी 
इतनी गर्मी में 
तुम १५ दिन से नही नही ,नहायी हो क्यूंकि 
तुम व्हील चेयर पर हो 
और तुम्हे 
कोई नहाने पानी नही देता 
क्यूंकि 
तुम्हारे कपड़े 
निचोड़ने से वो 
बचते है 
माँ,
मुझे उस माँ की याद  आ रही है 
जिसे उसके बेटे बहु ने 
निकल दिए थे 
और वो, 
अपनी फूस की झोपडी में 
मृत पाई गयी थी 
क्योंकि 
जलकर मर गयी थी 
माँ 
तुम माँ क्यों हो 
क्यों तुमसे 
तुम्हारे बच्चों को 
इतनी विरक्ति है 
जबकि 
आज भी 
हमे देखकर 
तुम्हारी आँखों में 
वैसी ही चमक आ जाती है जैसे बचपन में 
आती थी 

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