Saturday, 23 May 2015

माँ  
माँ 
तुम 
घर का एक 
जिन्दा कोना हो 
कल, जब तुमने 
मुझे फोन कर कहा की इतनी 
इतनी गर्मी में 
तुम १५ दिन से नही नही ,नहायी हो क्यूंकि 
तुम व्हील चेयर पर हो 
और तुम्हे 
कोई नहाने पानी नही देता 
क्यूंकि 
तुम्हारे कपड़े 
निचोड़ने से वो 
बचते है 
माँ,
मुझे उस माँ की याद  आ रही है 
जिसे उसके बेटे बहु ने 
निकल दिए थे 
और वो, 
अपनी फूस की झोपडी में 
मृत पाई गयी थी 
क्योंकि 
जलकर मर गयी थी 
माँ 
तुम माँ क्यों हो 
क्यों तुमसे 
तुम्हारे बच्चों को 
इतनी विरक्ति है 
जबकि 
आज भी 
हमे देखकर 
तुम्हारी आँखों में 
वैसी ही चमक आ जाती है जैसे बचपन में 
आती थी 

Sunday, 17 May 2015

आज अचानक गांव चली गयी 
बचपन का गांव 
जैसे पीपल की छाँव 
कुछ पुराने पथराए चेहरों पर 
फूटी एक हंसी की किरण 
भींग गया मन 
जैसे हो, झरने की फुहार 
ऐसा था 
रसभीना 
मेरे अपनों का प्यार 
कुछ पल को सब, नतमस्तक थे 
जैसे मई अपने पुराने 
ऐश्वर्या को पा रही थी 
किन्तु वो विगत था 
आज मेरे पास संघर्ष है 
आगत के लिए 
लगी रहहति हूँ 
जी जान से 
फिर भी 
पाकर उस पुराने स्नेह मान को 
मन, भर गया था 
ओजस्वी अभिमान से 

Sunday, 10 May 2015

Ab Ke Sawan Mein Jee Dare - Jaise Ko Taisa

मृदुला मैडम जी 
                   नमस्ते 
                  आपसे रोज ही बातें होती है 
                         किन्तु, फोन पर आपकी बात 
                         काटकर, या आपको बीच में 
                        रोककर नही कह पाती 
                            कि , आप प्लीज् मेरी स्क्रिप्ट 
                                   रजिस्टर्ड पार्सल से 
                                लौटा दीजिये 
                                      मई आपको अपना पता दूंगी 
                                               कृतज्ञ 
जोगेश्वरी ,                                       (विनम्र निवेदन )
मेरा पता है 
                जोगेश्वरी सधीर , लेखिका 
                  c/o नामदेव्  साहू , अधिवक्ता 
                       वार्ड नम्बर ३३ 
                            हरिओम नगर 
                            बालाघाट , मप्र  ४८१००१ 
                               आप डाक से ही भेजिए ,
                                     यंहा कुरियर नही पहुंचेगा 
या मुझे डिटेल लिखना होगा 

aangan: माँ तुम हो नम आँखों का धुंवा यादों का है कोई  भ...

aangan: माँ 
तुम हो नम आँखों का धुंवा 
यादों का है 
कोई  भ...
: माँ  तुम हो नम आँखों का धुंवा  यादों का है  कोई  भरा हुआ कुंवा  जिसे नही झांकता है कोई  पर माँ  तुम वो, हो  जो, उन आवाजों को  महसूस...
माँ 
तुम हो नम आँखों का धुंवा 
यादों का है 
कोई  भरा हुआ कुंवा 
जिसे नही झांकता है कोई 
पर माँ 
तुम वो, हो 
जो, उन आवाजों को 
महसूस करती हो 
आज तक 
उदाश आँखों में 
सामने तपती दोपहरी में 
आँगन का उदास कोना 
जैसे कंही सुस्त रहा हो 
सिपहिया पक्षी 
माँ 
तुम नही बनाती हो 
आचार पर 
महसूस करती हो 
उसे कहते हुए 
मेरे चटखारे लेते ओठों को 
माँ 
तुम रोज बुलाती हो , मुझे 
और भोर से उठकर 
तकती हो राह 
माँ 
अलगनी पर 
यूँ ही सूखते 
तुम्हारे उतारे हुए 
बिना धोये कपडे 
हफ्तों हमारी उपेक्षा पर 
हिकारत से पड़े रहते है 
माँ 
क्यों तुम 
हमारे लिए 
दुनिया की 
सबसे बेकार 
गयी गुजरी वास्तु हो 

Thursday, 7 May 2015

 कुछ लोगों के लिए 
माँ 
उसकी मृत्यु के पूर्व ही 
मर जाती है 
नही पता क्यों 
वो,
माँ के अंत्येष्टि की बारात 
वक़्त के पहले 
सजा लेते है 
दुनिया के सामने 
बजे-गाजे से 
जाती माँ की 
अर्थी का अर्थ 
उनकी निवृति हो जाता है 
इनमे हम सभी शामिल है 
माँ 
हमारे लिए 
वक़्त से पहले 
जीवन से 
अदृश्य हो जाती है 
दुनिया के 
और अपनों के 
सितम सहके आती हूँ यंहा पर 
यदि, यंहा भी 
वंही सब कुछ मिले तो मई कहा जाऊ 

Tuesday, 5 May 2015

माँ 
तुम्हारी 
डबडबाई आँखों में 
काश कोई 
देख पता कि 
उसमे अपने बचपन की 
कितनी, यादें छिपी है 

Monday, 4 May 2015

माँ माँ 
सबने आपको भुला दिया 
की, अपने हमे जन्म दिया था और 
हमे पला पोसा था 

Sunday, 3 May 2015

aangan: To ask from you,Kaun ho tum So, it will not be a...

aangan: To ask from you,
Kaun ho tum 
So, it will not be a...
: To ask from you, Kaun ho tum  So, it will not be a question Tedha  You can be a restless soul  Cycle in which the fingers Bissau  Padm...

aangan: आँगनआँगन का मतलब है माँ जो, कभी ये अहसान नही ब...

aangan: आँगन
आँगन का मतलब है 
माँ 
जो, कभी ये 
अहसान नही ब...
: आँगन आँगन का मतलब है  माँ  जो, कभी ये  अहसान नही बताती  की, मैंने तुम्हे जन्म दिया है  तो, तुम मेरे लिए  कुछ करो मेरा आँगन  मेरे ब...
आँगन 
आँगन
आँगन का मतलब है 
माँ 
जो, कभी ये 
अहसान नही बताती 
की,
मैंने तुम्हे जन्म दिया है 
तो, तुम मेरे लिए 
कुछ करो मेरा आँगन 
मेरे बिछड़े आँगन 
तुम मेरे 
माता पिता का स्नेह हो और उनकी धरोहर हो 
धीरे धीरे 
माँ का हाशिये पर 
खिसक जाना 
और फिर 
बच्चों के 
जीवन के 
परिदृश्य से 
गायब हो जाना 
oh, aaj ka 89 viewsमेरे लिए अचम्भा है 
आँगन 
आपका जवाब नही २ मई को 
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