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फेसबुक पर रोजाना अपने पाठको के साथ बात होती है, ब्लॉग से
कल, अचानक सोनू ने चिड़िया का घोसला तोड़ दिया, हल्की बारिश और ठण्ड में मैं उदाश हो गयी थी ये सबके साथ होता है, कि बसेरे के लिए हम चिंतित होते है
हमे चिड़ियों को घोसला बनाने देना है उन्हें घर देना है, दाना पानी भी
क्यूंकि, आजकल, घोसले जन्हा होते, वे दरख़्त कटे है , इसे रोकना है
फेसबुक पर रोजाना अपने पाठको के साथ बात होती है, ब्लॉग से
कल, अचानक सोनू ने चिड़िया का घोसला तोड़ दिया, हल्की बारिश और ठण्ड में मैं उदाश हो गयी थी ये सबके साथ होता है, कि बसेरे के लिए हम चिंतित होते है
हमे चिड़ियों को घोसला बनाने देना है उन्हें घर देना है, दाना पानी भी
क्यूंकि, आजकल, घोसले जन्हा होते, वे दरख़्त कटे है , इसे रोकना है
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