Friday, 3 October 2014

माँ को आज फोन पर बातें हुई 
माँ को मई दशहरे  की शुभकामना दे पाती 
इसके पहले ही माँ ने 
मुझे गांव आने की अनुनय की 
माँ की आवाज में कितना अपनापन है 
मई कल मासे मिलने जाउंगी 
एक रत गांव जाकर लौटूंगी 
तबतक आप सब मेरा घर देखिये 
आप सभी की शुभकामना चाहिए 
माँ से भजन सुन्ना 
माँ की बातें सुन्ना 
ये सब मेरे लिए सौभाग्य है 
हम सब इस दशहरे साथ है 
अगले बरस क्या हो 
कौन जनता है 
ये तो जिंदगी है 
आप सभी को दशहरे की शुभकामनाये 
और माँ का ढेर सारा आशीर्वाद भी 
कल माँ से कितनी बातें होगी 
माँ जो, हम सबके जाने पर 
कितने तरह के पकवान बनती थी 
वो, कितनी देरतक चूल्हे के सामने बैठे 
 आंच सहती हुयी 
हमारे लिए बड़े टलती थी माँ तुम महान हो 
मुझे पता है 
सभी की माएं 
ऐसी ही होती है 

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