आयशा पुरे मोहल्ले की चहेती है एक सालकी आयशा बच्ची है
किन्तु कितनी सच्ची है सरे सारे भेदभाव से दूर वो मासूम बच्ची सारे दिन
कैसे पूरी कॉलोनी की लाड़ली बंगई बनगई
किन्तु कितनी सच्ची है सरे सारे भेदभाव से दूर वो मासूम बच्ची सारे दिन
कैसे पूरी कॉलोनी की लाड़ली बंगई बनगई
No comments:
Post a Comment