Saturday, 10 May 2014

बहुत कठिन थ 
बहुत मुश्किल दौर थथा 
मुझे यंहा पल पल 
कदम कदम प्र संघर्श करणा थ 
वो, बातें सुन्नी थी जो , हं 
हम घर मे नही सुनते 
ये कर्मक्षेत्र है 
यंहा अकारण भि बातेँ सन्नी होति है ]
यंहा आपके सीधेपन को कोइ भि 
हंसी व मखौल क कारन बङा स्कता है रोज आपसी कोइ युं हि 
कहेगा कि हाँ वो आपको सुनेगे 
आप नामी हस्ती न्हि है 
तो, आपके पीछे कोइ नही होगा 
जो, नामी है 
उन्हें भी यंहा काम नही है अपने काम को सामने लेन 
लाने लोग क्य न्हि करती क्योंकि 
एक फिल्म करोड़ों मे बण्टी है 
कोई आपकी कहानी प्र 
करोड़ों क्यों फुकेगा \
अभी तो, काम कि शुरुआत भि नहीँ हुए 
और मेरा बेटा मुझे वापस ले जा रहा 
क्योंकि मेरे बेटे को पसंद नहि कि मै 
कुछ करूँ 
औरतों को घर कि सुरक्षा कि 
ये गुलामी व प्रतिरोध साहन होत है आपको आपने सपनें कुचलने देने होते है 
अपनों के पांवों तले 
क्योंकि, आप अपनों के सपनो को संभालना चाहते है 

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