आज ताप्ती दोपहरी में लौटी , एक दिन और संघर्ष का गुजरा है इस बार ५ माह में लौट रही हूँ, एक गण बनाकर ुतुब युटुब पर डाला है, इससे ज्यादा और कुछ नही , ये संघर्ष है, जबतक परिचय नही होगा , कुछ नही होता, इश्लीए यंहा आये तो, तयारी से आये , आपके पास धन हो किन्तु, यंहा मन से नही टन से भी संघर्ष होता है,
मेरा पहनावा साडी है, किन्तु मुझे पंजाबी सूट पहनना चाहिए , और भी सुधर की गुंजाईश है , बात ये है, की जिसका बीटा बीटा पुत्र बीमार रहा हो , उसका संघर्ष सघन रहा हो, वो अचानक क्या बदले , घहरी निराशा ने मुझे झिंजोड़ दिया है , मई आज अनिल शर्मा के यंहा नावेल दे आई
और अपने प्रकाशक से बात की हूँ, की
मई अपने जीवट भरे संघर्ष पर किताब लिखूंगी शायद वो आजसे ही शुरू हो , ताकि इस लाइन में लड़कियां सोच समझकर आये हां, लड़कियों को उतनी कठिनाई नही जा सकती , मेरा आत्मविश्वास कम नही हुआ है, किन्तु जैसा देश वैसा भेष न हो तो, सफलता बिना पहचान के नही मिलती
मेरा पहनावा साडी है, किन्तु मुझे पंजाबी सूट पहनना चाहिए , और भी सुधर की गुंजाईश है , बात ये है, की जिसका बीटा बीटा पुत्र बीमार रहा हो , उसका संघर्ष सघन रहा हो, वो अचानक क्या बदले , घहरी निराशा ने मुझे झिंजोड़ दिया है , मई आज अनिल शर्मा के यंहा नावेल दे आई
और अपने प्रकाशक से बात की हूँ, की
मई अपने जीवट भरे संघर्ष पर किताब लिखूंगी शायद वो आजसे ही शुरू हो , ताकि इस लाइन में लड़कियां सोच समझकर आये हां, लड़कियों को उतनी कठिनाई नही जा सकती , मेरा आत्मविश्वास कम नही हुआ है, किन्तु जैसा देश वैसा भेष न हो तो, सफलता बिना पहचान के नही मिलती
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