१५ जून को मुंबई से चली जाउंगी
फिर जनवरी १५ में लौटूंगी
घर बन चूका है, लगभग
वंहा सबकुछ जमाना है
बेटे को उसके शिक्षा के काम से
व् घर-गृहस्थी से लगाना है
बीटाबीटा पुत्र अपने जीवन से लग जाये तो फिर
बनारस जाकर गंगा स्नान कर आउन
फिर अपने सपनों का पीछा करना है
जीवन भर भागते थक गयी हूँ
कुछ पल ठहरकर बीते जीवन को
पलटकर देखना चाहती हु
और बहुत सा ब्लॉग लिखना है
जीवन इतना ही तो है
लिखने तक, लिखने की यात्रा
फिर जनवरी १५ में लौटूंगी
घर बन चूका है, लगभग
वंहा सबकुछ जमाना है
बेटे को उसके शिक्षा के काम से
व् घर-गृहस्थी से लगाना है
बीटाबीटा पुत्र अपने जीवन से लग जाये तो फिर
बनारस जाकर गंगा स्नान कर आउन
फिर अपने सपनों का पीछा करना है
जीवन भर भागते थक गयी हूँ
कुछ पल ठहरकर बीते जीवन को
पलटकर देखना चाहती हु
और बहुत सा ब्लॉग लिखना है
जीवन इतना ही तो है
लिखने तक, लिखने की यात्रा
No comments:
Post a Comment