माँ
माँ जिसने जन्म दिया
कितनी मुश्किल भरी जिंदगी थी उसकी
सुबह से आज उसे चक्र भी नही बात कर सकी हूँ
अब, घर जाते ही, माँ से फोन पर बात करूंगी
मेरा जन्म जब हुआ
माँ आज भी बताती है की १५ दिन बाद तिल-संक्रात आई थी
माँ को बुआ जी तब मेथी के कड़वे लड्डू खिलाती थी
नन्द के घर कोई नखरे नही चलते थे
जचकी के १५ दिन बाद सब काम करने होते थे
माँ ने हम ७ बहन-भाइयों को जन्म दिया
वो, कितने कठिनाई से दूसरों के घर हमे देखती रही होगी
बड़े घरों में बड़े काम होते है
माँ को भी पल भर अपने लिए नही मिलता था मुझे
तब कौन देखता
बुआ जी मुझे अपने साथ ले गयी थी
तब, मई डेढ़ बरस की भी नही थी
गए है , दिन बिट गए है
तो, चलूँ,
माँ से बाटे , ये……।
मई भी दिन भर से आज थक गयी हूँ
माँ जिसने जन्म दिया
कितनी मुश्किल भरी जिंदगी थी उसकी
सुबह से आज उसे चक्र भी नही बात कर सकी हूँ
अब, घर जाते ही, माँ से फोन पर बात करूंगी
मेरा जन्म जब हुआ
माँ आज भी बताती है की १५ दिन बाद तिल-संक्रात आई थी
माँ को बुआ जी तब मेथी के कड़वे लड्डू खिलाती थी
नन्द के घर कोई नखरे नही चलते थे
जचकी के १५ दिन बाद सब काम करने होते थे
माँ ने हम ७ बहन-भाइयों को जन्म दिया
वो, कितने कठिनाई से दूसरों के घर हमे देखती रही होगी
बड़े घरों में बड़े काम होते है
माँ को भी पल भर अपने लिए नही मिलता था मुझे
तब कौन देखता
बुआ जी मुझे अपने साथ ले गयी थी
तब, मई डेढ़ बरस की भी नही थी
गए है , दिन बिट गए है
तो, चलूँ,
माँ से बाटे , ये……।
मई भी दिन भर से आज थक गयी हूँ